众口铄金
zhòng kǒu shuò jīn
परिभाषाएँ
AI द्वारा जनरेट किया गया
ये परिभाषाएँ AI द्वारा जनरेट की गई हैं और इनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।
- 1. जनमत इतना प्रबल होता है कि धातु को भी पिघला सकता है (कहावत)
- 2. जनता का शोर सत्य को अस्पष्ट कर सकता है (लाक्षणिक)
- 3. अफवाहों के व्यापक प्रसार से सत्य और असत्य में भ्रम उत्पन्न हो सकता है